प्रेम पत्र
प्यार एक ऐसा शब्द जोकि एक शब्द नहीं एक भावना है, एक ऐसी भावना जिसे अल्फाजो में बयां करना नामुमकिन है। मैं अपने भाव, विचार, अपने दिल की बात, अपने जज्बात, अपने अल्फाज, अपनी प्रेरणा को शब्दो मे पिरो कर पन्नों पे लिखने की नाकामयाब कोशिश कर रहा हूँ। प्रिये, तुम्हारा नाम मात्र सुन लेने से, मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आती है, मैं हमेशा तुम्हारे विचारों, तुम्हारे ख्यालों, तुम्हारे ख्वाबों मे ही डूबा रहता हूँ। मैं तुम्हारे साथ अपने दिल की वो हर बात सांझा करना चाहता हूं, जो शायद मैंने कभी किसी और के साथ ना की हो। मैं तुम्हारे साथ उस हर लम्हे को जीना चाहता हूं जिसे शायद आज से पहले मैंने कभी ना जिया हो। अपने हर र्दद मे तुमे याद करता हूँ, अकेलेपन मे तुमे अपने पास महसूस करता हूँ, मेरे नजर की तलाश हो तुम, जिसे सदियों से मांग रहे हैं, वो मुराद हो तुम... ABhishek Dubey