बेवक़्त उसके ख्यालों में खो जाना मोहब्बत हैं



बेवक़्त उसके ख्यालों में खो जाना मोहब्बत हैं,
उसके आँखों में खुद को पाना मोहब्बत हैं,
छुप छुप के उसे निहारना मोहब्बत हैं,
उसके सामने आते ही नज़रे चुराना मोहब्बत हैं,
अचानक से उसका हाथ थामना मोहब्बत हैं,
उसकी बिखरी हुई लटो को सवारना मोहब्बत हैं,
अपने हर सपने में उसे तकना मोहब्बत हैं,
उसकी एक हँसी के ख़ातिर हद से गुजर जाना मोहब्बत हैं,
बेवक़्त उसके ख्यालों में खो जाना मोहब्बत हैं,
 
                                            - अभिषेक दूबे
     

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