When i See HeR






सबके चेहरे पर उत्सुकता साफ झलक रही थी क्योकि आज कॉलेज का पहला दिन था, रंग बिरंगे वेशभूसा से क्लास का माहौल किसी पार्टी से कम नहीं लग रहा था |  मेरे माथे पर थोड़ी सिकन थी शायद ख़ामोशी अभी पूरी तरह से टूटी ना थी | क्लास में सब एक दूसरे से बाते कर रहे थे सिवाय मेरे, इससे पहले की मेरे घड़ी के काँटे किसी की झुल्फों में उलझते मैं किताबो में खो जाने की कोशिश कर रहा था |
तभी क्लास में एंट्री हुई उनकी कद ५ फ़ीट २ इंच, एक सफ़ेद रंग की टॉप और नीली डेनिम जीन्स, नीली आँखे, खुले बाल, और चेहरे पर बेशुमार शीतलता,
जिन्हे देख के क्लास की बाकी लड़किया शर्मा गयी और वही लड़के उन्हें इम्प्रेस करने के लिए अपने बाल सवारने लगे , पर मैं भाई आपका शख्त हैं मैं उलझा था अभी भी उन्ही किताबो में...... |

"एक्सक्यूज़ मी साइड प्लीज ....", उफ़ क्या आवाज थी, नज़रे उठा कर देखा तो वो चेहरे पे बिखरे हुए अपने बालों को कान के पीछे सवारने की नाकामयाब कोशिश कर रही थी। मैंने खड़े होके उन्हें जगह दी अब वो मेरी बगल वाली सीट पर बैठ चुकी थी, बादल बाहर छाए हुए थे पर बारिश क्लास में हो रही थी, उनके आ जाने से क्लास का माहौल बेहद हे खुशनुमा हो गया था, सब उनसे जान पहचान बढ़ाने की कोशिश  कर रहे थे, पर मैं भाई आपका शख्त हैं, मैं उलझा था अभी भी उन्ही किताबो में।
शायद उनकी गणित थोड़ी कमजोर थी इसीलिए उनका सारा ध्यान दॉँतो से पेन दबाये हुए ब्लैक बोर्ड पर था और मेरा उनपे, मैथ की क्लास में मेरी केमिस्ट्री चल रही थी। मैं उनसे बात करना चाहता तो था पर कोई टॉपिक नहीं मिल रहा था, तभी मैंने मैंने उनसे हिचकिचाते हुए कहा, "एक्स्ट्रा पेन हैं क्या ? "... यह सोच के की शायद इससे कुछ बात बन जाये। यह बात उन्हें थोड़ी बेतुकी लगी , और उन्होंने बिना मेरी तरफ देखे  पेन बढ़ा दिया।  मुझे थोड़ा बुरा लगा और मैं झेप गया, शर्म से हुए लाल गाल को छुपाने के लिए मोबाइल की स्क्रीन पे बेवजय ही उंगलिया पटकने लगा।  

" ये इंटीग्रेशन आप समझायेंगे प्लीज",  खुद १०० में से ४२ नंबर लाने वाले इस शख़्स को आज अपने जीवनकाल में पहली बार मैथ में कॉन्फिडेंस था। बीच बीच में जब वो अपनी जुल्फे सॅवारती तो मेरा दिल थम सा जाता, धड़कने तेज हो जाती, काश वो पल वही ठहर जाता। उनकी उस  क्यूट सी स्माइल का मैं आज भी दीवाना हूँ, कैंटीन में आँखे चार हुई नैनो से नैनो की बात हुई , अटेंडेंस शीट से सिगनेचर काउंट करके जैसे तैसे नाम का पता चला और फेसबुक पर रिक्वेस्ट सेंड कर दी।





                                                                               ABhishek Dubey





Comments

  1. Kaun hai wo..sakht launde ������

    ReplyDelete
  2. Ab kya bole hm bolne ke liye to bahut kuch h lekin thora bahut

    Sabse pahle bat krte he room ki
    Bagal me bat krna chahe agar apne bhai se ager bich me chirya ki aabaj sunai de de to chahe kitni bhi important bat kyo na chal rahi ho ...

    Lekin sabse pahle reply wonko hi milega ...😎

    Lekin bhai hamara sakht h..🙈

    Aur bhi h college jane me chahe bus chut kyo na jaye..
    Lekin bhai hamre wonko reply dete hue hi bus ke oor jayege

    Lekin bhai hamara sakht h🙉🙈

    Ab bat krte he phon call ki...
    Agar bhai hamare wonse bat kr rahe ho aur kahi se waiting me call aane lagi chahe wo call kitna bhi important kyo na ho chahe wo kitne hi karib log ka kyo na ho ....

    Lekin bhai hamare wonka call hold pe nahi dal skte ye soch ke ki kahi wo fool ki kali gussa ke mare murjha na jae .....

    Lekin bhai hamara sakht h😂😂😂

    Ab kitna bataye bhai hamare bura na man jaye 💖💖💖💖🤔🤔🤔🤔

    Lekin kuch bhi

    Bhai hamara sakht h🤣🤣🤣🤣🤣

    ReplyDelete
  3. Par bhaii aapka sakht hai😂😂😂😂

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Analysis and Design of algorithm (ADA)

बेवक़्त उसके ख्यालों में खो जाना मोहब्बत हैं

Khamoshi