Review on Uri : the surgical strike

           
 इतने दिन बाद उरी देख कर आज  फिल्म का रिव्यु दे रहे हैं ..........असल में क्या है की हम engineering वाले ऐसी जिन्दगी ही जीते हैं की देश दुनिया में क्या हो रहा है पता ही नहीं चल पाता ...अब कल समय मिला तो कल ही पहुच गए फिल्म देखने ........मुद्दा ये नहीं है की फिल्म कैसी है ...मुद्दा ये हैं की ये फिल्म बनी ही क्यों ??.... हमारे 20 जवान ..जो की काश्मीर के उरी सेक्टर में बने सेना के कैम्प में सो रहे थे ...उन्हें उठने का मौका भी नहीं मिला ......लश्कर के चार आतंकियों ने अंधाधुन्द गोलियां बरसा कर उन्हें उस भोर का सूरज भी देखने नहीं दिया ........इसी घटना के 10 दिन बाद भारतीय सेना ....रा ..और भारत सरकार के निर्देशन में pok में एक सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी जिसमे 40 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक और आतंकी मारे गए और pok में बने उनके कई कैम्प्स को भारतीय सेना ने तबाह कर दिया .........
मैंने दो साल पहले आखिरी बार हॉल में लगी फिल्म रुस्तम देखि थी ..इसके बाद कल उरी देखने गया ....फिल्म देखने के बाद जब आप हाल से बाहर निकलेंगे तब भी आपको लगेगा की आप भारतीय सेना के कैम्प में ही हैं .......फिल्म देखते समय बार बार आपका मन होगा अगर कोई मुल्ला या पाकिस्तान परस्त व्यक्ति आपको मिल जाय ..तो आप उसकी  .......इन सालों की वजह से हमारे 20 जवान बिना किसी कारण शहीद हो गए ...........
इस फिल्म के बारे में ज्यादा नहीं कहूँगा ......लेकिन  बस इतना कहना चाहता हूँ की इस समय भारत सरकार का नेतृत्व एक दम सही हाथो में हैं .....उरी हमले के बाद जब हम भारत सरकार ... रा और आईबी ..डोभाल को कोस रहे थे ..तब भारत सरकार उरी हमले का जवाब देने की तैयारी में लगी हुई थी ..ऊरी हमले के महज 10 दिन बाद  पाकिस्तान को इस हमले का जवाब सूद समेत दिया गया ..20 जवानो के बदले 40 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया ..........बस इसी ऑपरेशन को 2 घंटे की फिल्म में दिखाया गया है ..पूरी ख़ूबसूरती और सत्यता के साथ .........फिल्म में  72 हूरों का संवाद काट दिया गया है क्यों की इस संवाद से देश की धर्मनिरपेक्षता खतरे में पड़ जाती ....फिल्म में सेना के कई जवानो को इस ऑपरेशन से पहले नमाज पढ़ते दिखाया गया है ..जिसकी जरूरत नहीं थी ......
उरी देखिये ...उन शहीद जवानो के परिवारों का दर्द समझने के लिए जिनका बेटा ..पिता ..पति ..अब कभी लौट के उनके पास नहीं आएगा ...उरी देखिये ...भारत सरकार ..मिलेट्री इंटेलिजेंस ..रा और सेना के संयुक्त अदभुत ..और कल्पना से परे एक सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देने वाली रणनीति को समझने के लिए .....उरी देखिये ..ये समझने के लिए की जब हम आप फेसबुक पर उरी हमले के बाद नौटंकी
 कर रहे थे ..तब उस समय हमारी सेना रात में डेढ़ बजे ...pok में घुस कर एक एक आतंकी को मौत के घाट उतार रही थी ....हमें लगता है की केवल ISI के एजेंट्स भारत में मौजूद है जो हमारी सूचनाये पाकिस्तान हाई कमान को भेजते हैं ...लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद आपको पता चलेगा की भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी RAW के एजेंट्स भी पाक्सितान में सक्रीय है ..जो उनकी जानकारी हमारी सेना और इंटेलिजेंस तक पहुचाते है .........उरी महज एक फिल्म नहीं है ...ये  एक राष्ट्रीय ,,बल्कि मै कहूँगा की उग्र राष्ट्रवाद में आपको यकीन करना सिखाती है ....ये नया भारत है जो गोली का जवाब गोली से देना जानता है ......ये नया भारत है ..जो कूटनीति नहीं बल्कि कूटने की निति में यकीन रखता है .......
अपनी बात को इस फिल्म के सबसे चर्चित डायलोग के साथ खत्म करूंगा .....HOWS the JOSH ???जवाब है HIGH SIR ............मोदी जी उरी ने डेढ़ सौ कमा लिए है मतलब जनता का जोश भी हाई है ....आप चुनाव की तैयारी कीजिये ....अबकी  बार चार सौ पार ..........जय हिन्द ...


ABhishek Dubey

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