रिश्ता नये जमाने के.....



एक कटु शब्द "MOVE ON" जो तीन तलाक से भी बदतर है जिसका अर्थ ही आजका सभ्य समाज अनर्थ कर चूका है ! वास्तव मे इस शब्द का अर्थ होता है अपने कमियों को त्यागकर अपने रिश्तो के साथ समभाव बनाकर साथ चलना परन्तु आज के नए युवक या युवतिया तात्कालिक सुख को देखकर थोड़े ही कस्ट मे  एक दूजे से ये कहकर रिश्ते तोड़ रहे की मै हमारे रिश्ते में अब सुखी नहीं  "Move on " करना चाहता हूँ  या चाहती हूँ ...रिश्ते जोड़ने में वर्षो लग जाते हैं और टूटने में एक पल..संभव हो तो अर्थ का अनर्थ न करें वरना आने वाले समय में हम मानव भी पशु समान होकर किसी भी मर्यादित रिश्ते का आदर न कर पाएंगे ...वैसे भी भारत में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से बहुतायत संख्या में मर्यादा तोड़ने हेतु नए नियम प्रविष्ठ हुए है ...कोशिश करें अपने रिश्तो का मान रक्खें गर रिश्ते टूटने की कगार पर हो तो स्वयं से प्रश्न जरूर करें की जब रिश्ते तोड़ने ही थे तो जोड़ा क्यों...शायद मेरे इस लेख से किसी को दर्द हो पर छमाप्रार्थी हूँ गर किसी के ह्रदय को आघात हो परन्तु कभी अर्थ का अनर्थ समझ बने बनाये रिश्ते खोखले न बनने दें वरना एक दिन दर्द के सिवाय कुछ भी हाथ न होगा क्युकी दिल के रिश्ते बहुत भाग्य से मिलते है ....

                                                                                             
                                                                                                                       Dr Ajay kumar Mishra

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