एक विचार
एक उच्च मानसिकता का व्यक्ति ही निम्न मानसिकता के व्यक्ति को अपनाता है इसलिए नही की उसे कुछ किसी को दिखाना है बल्कि इसलिए क्युकि ऐसे व्यक्ति में अदम्य साहस एवं भौतिक परिस्थियों से लड़ने की अदम्य शक्ति होती है। ऐसा व्यक्ति खुदपर विश्वास करता है और खुद्की प्रेरणा से जीवन में आने वाले हर विपरीत स्थिति से लड़कर निम्नता को भी अपने समान स्थिति प्रदान करता है।वही निम्न सोच का व्यक्ति उच्च सोच के व्यक्ति को हरपल त्याग योग्य मानकर मैं मैं में ही जीता है उसे लगता है कि जो भी है मेरे कारन ही सब है ये व्यक्ति भी मेरे से जुड़ने के लिए विह्वल है।
जबकि सत्य इससे विपरीत ये होता है कि उच्च मानसिकता का व्यक्ति संबंधो को जीता है सम्बन्ध उच्च से हो या निम्न से ये उसके स्वभाव में सदैव समानता होती है।
परिस्थितिया निम्न मानसिकता के पटल को बार बार बदलने को अग्रसित करती है वही उच्च मानसिकता का व्यक्ति एकाग्रचित होकर अपने सम्बन्धो को ही जीता है।
Dr Ajay kumar Mishra

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